भोपाल। चुनाव आयोग के नोटिस और पार्टी की समझाइश का असर भी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर पर होता नहीं दिख रहा। वो लगातार ऐसे बयान दे रही हैं जो सियासी बवाल खड़ा कर रहे हैं। अब सीहोर की एक आमसभा में उन्होंने एक और विवादित बयान दिया है, जिसपर सियासी खींचतान मना तय है। अपने चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने भोपाल से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह का नाम लिए बगैर उनपर निशाना साधा और जनता से कहा कि ऐसे आतंकी को खत्म करने का वक्त आ गया है।

प्रज्ञा ठाकुर आज चुनान प्रचार के लिए सीहोर पहुंचीं थी। यहां उन्होंने एक सभा को संबोधित करते हुए जिले की बंद पड़ी चीनी मिलों का जिक्र करते हुए कहा कि, "अपना धंधा बढ़ाने के लिए उन्होंने जिले की शुगर और ऑयल मिल बंद करवाईं। इसमें सैंकड़ों लोग बेरोजगार हो गए। ये आपको पता है। इसलिए ऐसे आतंकी का समापन करने के लिए, बेरोजगारी बढ़ाने वाले को खत्म करने के लिए एक संन्यासी को खड़ा होना पड़ा है। उमा दीदी ने भी हराया तो 16 साल तक राजनीति नहीं कर पाए थे। अब जब वो फिर से मैदान में हैं तो उन्हें हराने के लिए एक संन्यासी को आना पड़ा और अब ऐसा समापन होगा कि वह कभी उग नहीं पाएंगे।" ऐसे में साध्वी प्रज्ञा के इस बयान के बाद भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

बता दें कि साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने इससे पहले मुंबई आतंकी हमले में शहीद हुए महाराष्ट्र के एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे और बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले पर भी विवादित बयान दिया था। बाबरी मस्जिद मामले में तो उनके खिलाफ एफआईआर तक दर्ज हो गई थी। इसके बाद पार्टी ने प्रभात झा और शिवराज सिंह को उन्हें समझाने की जिम्मेदारी दी थी। लेकिन साध्वी प्रज्ञा के ताजा बयान से ऐसा लगता नहीं कि उन पर पार्टी के आला नेताओं की समझाइश का कोई असर पड़ रहा है।