भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सख्त नाराजी के पांच दिन बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने अपने बेटे और बल्लामार विधायक आकाश विजयवर्गीय मामले में मुंह खोला। मीडिया के सामने बेहद संभल-संभल कर बात कर रहे विजयवर्गीय ने कहा कि अब आकाश का एपीसोड समाप्त हो गया है। विजयवर्गीय शनिवार को भोपाल में भाजपा के सदस्यता अभियान का आगाज करने आए थे। इसके बाद उन्होंने मीडिया के कई सवालों का जवाब दिया।

सदस्यता अभियान के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कैलाश विजयवर्गीय ने अपने बेटे आकाश के बारे में मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों में अलग-अलग जवाब दिए। पहले कहा कि 'मुझे अभी जानकारी नहीं है, मैं दिल्ली से आ रहा हूं। मैंने समाचार पत्र में पढ़ा है कि हां, उसे नोटिस मिल गया है।" फिर कहा कि पिता की हैसियत से जिस तरह मुझे समझाना था, मैं समझा चुका हूं। सार्वजनिक रूप से इस बारे में कुछ नहीं कहना।

इसके बाद उन्होंने फिर सवालों के जवाब में अलग तरह का बयान दिया। उनसे पूछा कि आकाश विजयवर्गीय के नोटिस एपीसोड पर जो चल रहा है, उस पर क्या प्रतिक्रिया है। वे बोले कि चल क्या रहा है, समाप्त हो गया वो। वहीं नोटिस के सवाल पर कहा कि आकाश जवाब देगा, यदि उसे नोटिस मिल गया होगा तो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई नसीहत पर कहा कि उन्होंने जो कहा है उसका अक्षरश: पालन किया जाएगा। एक अन्य सवाल के जवाब में बोले- आकाश के मामले में सभी निर्णय अनुशासन समिति करेगी।

प्रदेश भाजपा मौन

विधायक आकाश विजयवर्गीय के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के मामले में प्रदेश भाजपा ने ऐसी गोपनीयता बरती थी कि नोटिस भेजने के बाद किसी भी नेता ने मीडिया से न तो बात की और न ही फोन उठाए। अब कैलाश विजयवर्गीय के बयान से साफ हुआ कि आकाश को नोटिस मिला और वे उसका जवाब देंगे।

प्रबोधन में नहीं पहुंचे आकाश

विधानसभा में नए विधायकों को संसदीय प्रक्रिया से अवगत करवाने के लिए आयोजित किए गए प्रबोधन कार्यक्रम में भी इंदौर विधायक आकाश विजयवर्गीय नहीं पहुंचे। इस बारे में कैलाश चिजयवर्गीय से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि घर जाकर पूछूंगा कि आकाश विधायकों की ट्रेनिंग में क्यों नहीं गए।

भाजपा में कार्रवाई का साहस नहीं: सलूजा

मप्र कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र विधायक आकाश पर कार्रवाई का साहस भाजपा में नहीं है। बल्लेबाजी कांड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी के बाद भी पार्टी में कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं है। मोदी स्पष्ट तौर पर कह चुके हैं कि 'कार्रवाई करो...बाहर करो" लेकिन विजयवर्गीय कह रहे हैं कि प्रकरण समाप्त। इससे समझा जा सकता है कि कैलाश विजयवर्गीय पार्टी और मोदी से भी बड़े हैं।