इसके बाद राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल ने प्रदेश संगठन से पूछताछ की कि क्या भार्गव ने बयान देने से पहले उन्हें भरोसे में लिया था। पार्टी की नाराजगी की वजह ये है कि हाईकमान इन दिनों केंद्र में नई सरकार के गठन की कवायद कर रहा है। ऐसे समय में एक प्रदेश सरकार को अस्थिर करने वाले बयान से पार्टी को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने इस बारे में सफाई भी दी कि भार्गव ने सत्र बुलाने को पत्र लिखा था, उसका फ्लोर टेस्ट से कोई लेना देना नहीं है।