उन्होंने कहा कि आकाश विजयवर्गीय को झूठे प्रकरण में फंसाया गया है. भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के विधायक पुत्र आकाश की जमानत के लिए गुरुवार को इंदौर के अपर सत्र न्यायाधीश वी. के. द्विवेदी की अदालत में जमानत याचिका दायर की गई थी. लेकिन न्यायाधीश ने भोपाल की विशेष अदालत में आवेदन देने को कहा. उसी के तहत शुक्रवार को भोपाल की विशेष अदालत में जमानत याचिका दायर की गई. ज्ञात हो कि राज्य के विधायकों एवं सांसदों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए राजधानी में विशेष अदालत स्थापित की गई है.

विजयवर्गीय को बुधवार को नगर निगम अमले के अधिकारियों की पिटाई करने के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था. उनकी ओर से गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश वी. के. द्विवेदी की अदालत में जमानत याचिका लगाई गई थी, जिसका नगर निगम ने विरोध किया था. न्यायाधीश द्विवेदी ने भोपाल की विशेष अदालत में जमानत आवेदन लगाने के निर्देश दिए थे.

इस बीच, इंदौर में भाजपा ने शुक्रवार को धरना-प्रदर्शन किया. राजवाड़ा पर आयोजित धरने में बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए. भाजपा समर्थकों ने आकाश के पोस्टर रात भर सड़कों पर लगाए थे, जिसे सुबह होते ही नगर निगम ने हटा दिए. धरना स्थल पर कई कार्यकर्ताओं के हाथ में जो तख्तियां थीं, उनमें आकाश हाथ में क्रिकेट का बल्ला थामे हुए थे, और उस पर लिखा है 'हैट्रिक की बधाई.'