भोपाल, जेएनएन। मध्य प्रदेश में नाकाबिल अफसरों की सेवा समाप्त की जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्य सचिव सुधिरंजन मोहंती को 20 साल की सेवा और 50 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले अधिकारियों का मूल्यांकन करवाने के निर्देश दिए हैं। इस काम के लिए उन्होंने तीस दिन की मियाद भी तय कर दी है। मूल्यांकन का काम सभी विभागों को करना होगा।

सूत्रों के मुताबिक, कमलनाथ के पास लगातार यह रिपोर्ट पहुंच रही है कि कई मैदानी अफसर काम नहीं कर रहे हैं। इस पर उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि बीस साल की सेवा पूरी करने और 50 वर्ष की आयु पूरी करने वाले अधिकारियों की समीक्षा कराई जाए। इसके लिए नियम बने हुए हैं, लेकिन कभी इसका सख्ती के साथ पालन नहीं होता है। विभाग भी केवल औपचारिकता निभाते हैं और अक्षम या अक्षमता के काम करने वालों को बचाते रहते हैं। ऐसे अफसरों के खिलाफ अब सरकार सख्ती के साथ पेश आए। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव से कहा है कि वे स्वयं इस प्रक्रिया की निगरानी करें और तीस दिन के अंदर नतीजे के बारे में बताएं।

एमके सिंह पर हो चुकी है कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक आइएएस अफसर एमके सिंह को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की सिफारिश पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने केंद्र सरकार से की थी। इसके आधार पर उन्हें सेवानिवृत्ति की तय अवधि से पहले ही सेवानिवृत्त कर दिया गया था। सिंह पर सागर कमिश्नर रहने के दौरान सरकारी जमीनों पर कब्जे के मामले में गलत फैसले सुनने से राज्य को हुए आर्थिक नुकसान सहित अन्य मामलों में दोषी माना गया था। इसके अलावा अन्य पक्ष भी सिंह के खिलाफ थे। इसी तरह दो आइएफएस अफसरों को लेकर भी केंद्र सरकार से सिफारिश की थी।